Tuesday, August 1, 2017

M.C. ... माने


 ‘किस-किस को दोष दीजिए किस-किस को रोइए
आराम बड़ी चीज़ है मुँह ढँक के सोइए’
महीने भर पहले की बात होगी जब मैंने भरी दुपहरी में ये शेर पढ़ा और इस उम्मीद में बिस्तर पर लुढ़की कि बस इसे सुनते ही नींद को फ़ौरन आ जाना है. करवट बदलते-बदलते मैंने आधा घंटा निकाल दिया होगा जब मेरा मोबाइल घनघना उठा.  मेरी दोस्त का फ़ोन था. अलसाई आवाज़ में मैंने ‘हलो’ कहा और उधर से गंभीर सवाल सुनते ही उठ बैठी.

‘स्वाती, तुमने साहिर को MC के बारे में बता दिया है क्या?’

‘क्यों क्या हो गया?’

‘अरे कुछ ख़ास नहीं. कल बच्चे खेल रहे थे तो मैंने सुना साहिर कुछ बच्चों से कह रहा था... ‘ये MC तो भूले से नहीं कहना. ये बहुत गन्दी बात है.’ तुमने क्या बताया है उसे कि वो इसे गन्दा बोल रहा है?... देखो ज़्यादा परेशान होने वाली बात नहीं है... तुम उससे ज़रा आराम से ही बात करना.’  मेरी दोस्त की आवाज़ से चिंता साफ़ झलक रही थी और वो बहुत संभलकर बात कर रही थी.

मेरी नींद पूरी तरह से भाग चुकी थी. मैंने साहिर को इस बारे में बताया नहीं था पर जल्द ही बताने वाली थी.
‘हो सकता है उसे अपने दोस्तों से पता चला हो. मैं उससे अभी पूछती हूँ.’ इतना कह कर मैंने फ़ोन रखा और साहिर को पुकारा.

साहिर अपने ‘Bear Grills’ के शो में व्यस्त था.  कई बार पुकारने के बाद वो झूमता-गाता मेरे सामने हाज़िर हुआ, ‘मम्मा जी ने बुलाया, मैं दौड़ा चला आया.’

‘साहिर बच्चों से कल तुम्हारा झगड़ा हुआ क्या?’ मैंने पूछा.

‘नहीं हुआ जी... नहीं हुआ जी’  उसने झूमते हुए कहा.

‘कल तुम MC फिर क्या कह रहे थे?’ मैंने सीधा सवाल किया.

साहिर को जैसे ब्रेक लगा. गंभीर होकर उसने कहा, ’वो मैं नहीं कोई और कह रहा था. कह ही नहीं रहा था मम्मा, उसने तो रजिस्टर पर एक लड़के के नाम के सामने MC लिख भी दिया था. ये तो वही गाली है जो यहाँ बहुत सारे बच्चे बोलते रहते हैं. मैं इसलिए उस लड़के को मना कर रहा था.’

‘गाली?’  मुझे समझने में थोड़ा वक़्त लगा.

‘मादर... बहन... पता नहीं क्या-क्या अजीब-अजीब ये सब बोलते हैं. ये तो बहुत ख़राब गाली है. इसलिए मैं उन पर चीख रहा था. उनको मना कर रहा था.’  उसने अपनी बात पूरी की.

ओह तो साहिर उस गाली के बारे में बात कर रहा था और मैं उसे Menstrual Cycle वाला MC समझ बैठी थी. वैसे MC वाली गाली पर थोड़े दिनों पहले ही साहिर से मेरी बात हुई थी. फिर भी मैंने उससे पूछा, ‘इसका मतलब जानते हो?’

‘इतना मालूम है कि ये बहुत गन्दी गाली है. कुछ ऐसा मतलब है कि कोई किसी से कहे कि वो अपनी माँ और बहन के साथ बहुत गन्दा काम करे... मम्मा तुम प्लीज सर से कम्प्लेन कर दो ना.’ साहिर ने सुझाया.

‘हूँssss!  पर मेरी समझ में ये बात नहीं आती कि दो लोगों का झगड़ा हुआ तो वे एक दूसरे को गाली देने लगते  हैं मगर उनकी माँ और बहन,  जिनका उस झगड़े में कोई वास्ता नहीं, को क्यों गाली पड़ने लगती है?’

साहिर ने पल भर सोचा और कहा, ‘अभी तो समझ नहीं आ रहा. पर question तो solid है मम्मा.’

‘अच्छा साहिर एक और MC है जिसे monthly cycle भी कहते हैं. क्या उसके बारे में जानते हो?’ मैंने पूछा.

‘वो क्या?’

‘हर लड़की को 12-13 साल की उमर से लेकर 45-50 तक की उमर तक हर महीने में 3-4 दिन blood निकलता है. जहाँ सुसु करने का रास्ता होता है उसके बगल से. एक महीने के बाद चूँकि ये फिर से आता है इसलिए इसे monthly cycle यानी MC भी कहते हैं. तुमने stayfree और whisper का ad TV पर देखा होगा. खून कपड़ों पर नहीं लगे इसलिए हम सब डायपर की तरह इनका इस्तेमाल करते हैं.’

‘मम्मा लोगों का डायपर....’ कहते हुए साहिर हँसा फिर उसने पूछा, ‘ ब्लड निकलता क्यों है पर?’

‘इस बारे में और इसके दूसरे नाम के बारे में detail में जल्दी ही पढ़ लोगे. आज के लिए इतना ही.’ मैंने कहा.

‘ओह! मम्मा इतना खून निकलने पर तो बैंड बज जाती होगी.’ उसने गंभीर होकर कहा. फिर मुस्कुराया और बोला, ’अब तुम्हारा खत्म होने में ज्यादा टाइम नहीं है. इतने साल तो निकल गए तुम्हारे.’

‘सही कहा तुमने.’ मेरी हँसी में इस वक़्त बहुत सुकून था. मुझे हँसता देख साहिर ये कहता हुआ भागा, ‘लेकिन अभी तो मेरा Bear Grills निकल रहा है.’

तीन –चार दिनों बाद मैं अपनी दोस्त से मिली. मिलते ही उसने बताया कि उसने भी अपने बेटे को MC के बारे में बता दिया है.

‘अरे वो तो साहिर से 3-4 साल छोटा है. उसे कैसे समझाया?’ मेरे मन में पहला सवाल यही आया.

उसने कहा, ‘मोटा-मोटी तो वो समझ गया. लेकिन लगता है मैंने उसे कुछ ज़्यादा ही विस्तार में समझा दिया. बाद में वो मुझसे पूछ रहा था, मम्मा लोगों के पेट में जो egg होता है क्या वो मुर्गी के अंडे जैसा होता है? मतलब क्या मम्मा लोग भी मुर्गी के जैसा अंडा दे सकती है?’

हम दोनों देर तक हंसती रहीं. मेरी दोस्त के पास इस सवाल का जवाब नहीं था और न ही मेरे पास!

कुछ दिनों बाद मैं दुकान से कुछ सामान लेकर आई जिसमें सेनेटरी पैड्स भी थे. साहिर ने झोला खोला, पैड्स पर उसकी नज़र पड़ी. उसने सहजता से उसे वापस रख दिया और बिस्कुट का पैकेट खोलकर खाने लगा.






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